राष्ट्रिय धान दिवस

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हुम्लामी रोपाइँ
धान रोप्दाइ गड़ा तयार अरिन्नार्यान

किर्सानोः मनोबल उच्च राखिबर उनरानोः श्रमोः सम्मान अद्द्या उद्देश्यले कृषि तथा सहकारी मन्त्रालयले देशैःभरि असाड़ मैनाः १५ गतेलाई राष्ट्रिय धान दिवसाः रूपमी मनौन्या परम्परा बसालिराइछ। वर्ष २०६६यो नारा कृषि भूमिको संरक्षण गरौं, धानको उत्पादन बढाऔं भँण्ण्या थ्यो। राष्ट्रिय धान दिवसमी कृषि क्षेत्र सित सम्बन्धित विभिन्न संघ-संस्थाअन विभिन्न कार्यक्रम अरिवर मनौनान।[१] येइ दिनलाई रोपाइँ महोत्सवाः रूपमी लै मनौन्या अरिरैछ। मानो रोपिबर मुरी फलौन्या दिनाः रूपमी येइ दिन भउत जसा ठउर रोपाइँ अरिबर धान दिवस मनौन्या चलन छ।

धान दिवसोः प्रचलन[सम्पादनस्रोत सम्पादन]

कृषि मन्त्रालय सहित विभिन्न कृषि क्षेत्रमी काम अद्द्या संघ-संस्थाअन रोपाइँ अरिबर येइ दिवस मनौन्या अद्दान। गड़ाअनमी रोपाइँ अरिबर दै-चिउड़ा खन्या चलन भयाऽ हुनाले येइ दिनलाई दै-चिउड़ा खँन्या दिनाः रूपमी लै लिइन्छ। बर्खामी कच्यार ले लतपतियाऽ हड़ उर्जा दिन्या हुनाले दै-चिउड़ा खँन्या चलन चल्याऽ विज्ञअन बतौनान। नेपालमी खाद्य सुरक्षाः मुख्य आधाराः रूपमी रयाऽ धानाः उत्पादनलाई महत्व दीबर सरकारले असाड़ १५ लाई राष्ट्रिय धान दिवसाः रूपमी मनौन्या अर्याऽ हो। येइ दिन राजधान्याः खुमलटारमी विशेष कार्यक्रमोः आयोजना अरिन्छ भँण्या पोखरामी लै विदेशी पर्यटकअनाः उपस्थितिमी विशेष रोपाइँ अनिन्छे। सरकारी तथ्याङ्क अन्सारअ नेपालाः लगभग १४ लाख हेक्टर जग्गामी धानखेती हुनी आइरैछ। सरकारले येइ दिनलाई विशेष दिनाः रूपमी मनौनोइ आयाऽ भया लै किर्सानाः बीच आँजि लै पुग्द नसक्या हुनालै धान खेती होइसक्द्या जग्गा होइबर लै उत्पादनमी वृद्धि हुन नसक्या कृषि विज्ञअनैः भुँणाइ छ।

चौद्दौं राष्ट्रिय धान दिवस (२०७४)[सम्पादनस्रोत सम्पादन]

"दुई बाली धान खेतीको विस्तार, आर्थिक समृद्धिको आधार" भँण्ण्या मूल नाराः सङ्ङै येइ वर्षोः राष्ट्रिय धान दिवस तथा रोपाइँ महोत्सव, २०७४ मनाइन्नाछ़।[२]

चित्र दिर्घा[सम्पादनस्रोत सम्पादन]

सन्दर्भ सामग्रीअन[सम्पादनस्रोत सम्पादन]


यिन लै हेरऽ[सम्पादनस्रोत सम्पादन]

  • धान
  • आषाढ पन्ध्र