शीतला
| शीतला | |
|---|---|
| रोग-ब्याधि की देवी[१] | |
ज्वरासुर माथि सवार शीतला देवी | |
| संबद्ध | देवी पार्वती |
| हतियार | कुचो, हाते पङ्खा, कलश (रोग निको पारन्या औषधियुक्त पानी) |
| पत्नी | शिव |
| बहान | ज्वरासुर (गधा) |
| चाड पर्व | शीतला अष्टमी |
शीतला (अर्थ: शीतलता) मुख्य रूप ले उत्तर भारत मा पूज्या जाण्या एक हिन्दु देवी हती।[२] उलाई देवी पार्वती को अवतार मान्या जाण्छ। विश्वास छ कि उले ठेउला, घाउ-खटिरा, पिनास अणि अन्य धेरै रोग निको पारछिन् अणि विशेष रूप ले बिफर रोग संग सम्बन्धित हती।
शीतला देवी को पूजा मङ्गलबार,[३] सप्तमी अणि अष्टमी मा गर्या जाण्छ, जुन सामान्यतया होली पछी चैत महिना मा पर्छ। सातौं अणि आठौं दिन मा मनाइने यी उत्सव लाई क्रमशः शीतला सप्तमी अणि शीतला अष्टमी भनिन्छ।[४]
पौराणिक कथा
[सम्पादन | स्रोत सम्पादन]यी देवी लाई सामान्यतया आमा का रूप मा देखाया जाण्छ, जसले बालबालिका लाई छालाका रोग अणि बिफर जस्ता रोग बाट बचाउँछिन्। उलाई प्रजनन की देवी पनि मान्या जाण्छ, जसले महिला हरू लाई राम्रो पति अणि स्वस्थ सन्तान पाउन मद्दत गर्छिन्।
उनको उपस्थिति लाई घर-परिवार को सुख-समृद्धि संग जोड्या जाण्छ अणि भक्त हरू को जीविकोपार्जन को रक्षा गर्या जाण्छ भन्ने विश्वास छ। साथै, राम्रो वर्षा ल्याउन अणि खडेरी, अनिकाल अणि गाईवस्तु का रोग रोकन का लागि पनि शीतला देवी को पूजा गर्या जाण्छ।[५]
स्कन्द पुराण का काशी खण्ड मा शीतला देवी ले बिफर जस्ता रोग निको पार्या वर्णन पाइन्छ:[६]
शीतला देवी का बारे मा पुराना बङ्गाली भाषा का कविता हरू सन् १६९० मा सप्तग्राम मा लेख्या ग्या हते। १८औँ शताब्दी मा मिदनापुर, पश्चिम बङ्गाल मा पनि उनको पूजा को महत्त्व बढ्यो। त्यस समय मराठा साम्राज्य अणि इस्ट इन्डिया कम्पनी बीच का संघर्ष का कारण बिफर फैलन्या अणि मृत्यु दर बढन्या घटना देख्या ग्या।[७]
शीतला पूजा
[सम्पादन | स्रोत सम्पादन]शीतला देवी को पूजा मुख्य रूप ले महिला हरू द्वारा शीतलाष्टमी का दिन गर्या जाण्छ। यो तिथि हिन्दु पात्रो का फागुन महिना को कृष्ण पक्ष को अष्टमी मा पर्छ।
विश्वास अनुसार, अष्टमी अणि सप्तमी का दिन घर मा चुल्हो बाल्दैन अणि अघिल्लो दिन बनायेको चिसो (बासी) खाना प्रसाद का रूप मा खान्या परम्परा छ। यो शरीर लाई शीतल राखन अणि गर्मी बाट बचन का लागि गर्या जाण्छ।[८]

सन्दर्भ सामग्रीहरू
[सम्पादन | स्रोत सम्पादन]- ↑ "Shitala, Sitala, Śītalā, Sītala, Śītala: 24 definitions". 3 August 2014. Archived from the original on 6 August 2022. Retrieved 6 August 2022.
- ↑ Folk Religion: Change and Continuity Author Harvinder Singh Bhatti Publisher Rawat Publications, 2000 ISBN 9788170336082
- ↑ Chaudhari, Ram Gopal Singh (1917). Rambles in Bihar (in अङ्ग्रेजी). Express Press. Archived from the original on 11 July 2024. Retrieved 31 May 2022.
- ↑ "Sheetala Saptami 2022", 24 March 2022.
- ↑ www.wisdomlib.org (3 August 2014). "Shitala definitions". Archived from the original on 6 August 2022. Retrieved 6 August 2022.
- ↑ www.wisdomlib.org (12 October 2020). "The Greatness of Śītalā". Archived from the original on 6 August 2022. Retrieved 6 August 2022.
- ↑ Nicholas, Ralph W. (November 1981). "The Goddess Śītalā and Epidemic Smallpox in Bengal". The Journal of Asian Studies. 41 (1): 21–44. doi:10.2307/2055600.
- ↑ "Sheetala Saptami significance", 21 March 2022.